मेरी प्यारी गुड़िया रानी,बड़ी है सीधी बड़ी है भोली।
नहीं किसी से कभी है लड़ती,
झूठा गर्व नहीं है करती,
सबसे प्यारे बोल बोलती,
सबके मन को ये हर लेती।
मेरी प्यारी -------------।
जल्दी ही मैं ले आऊंगी,
छोटा सा एक प्यारा गुड्डा,
ब्याह रचा दूंगी दोनो का,
ले जयेगा उसको गुड्डा।
मेरी प्यारी गुड़िया रानी,
बड़ी है सीधी बड़ी है भोली।
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कवियत्री --नित्या शेफ़ाली


