
दिया रोशनी खील बताशा
फ़सलों से महका परिवेश
नहीं पटाखे आतिशबाजी
दीवाली का यह संदेश।

दीपों के इस नव प्रकाश में
नए विश्व की करो कल्पना
हरी भरी होवे यह धरती
सात रंगों की लगे अल्पना।
नई तरंगें नई उमंगें
नव आशा नूतन संकल्प
खोजेंगे हम नई दिशायें
नये सृजन के नये विकल्प।

शीतल मंद हवायें आकर
धरती को दुलरायेंगी
बोली एक प्रेम की बोलो
सबसे कहकर जायेंगी।
000
कवि: कौशल पाण्डेय
हिन्दी अधिकारी
आकाशवाणी,शिवाजीनगर
पुणे
मोबाइल न0- 09823198116
(श्री कौशल पाण्डेय हिन्दी के प्रतिष्ठित बाल साहित्यकार हैं।बाल नाटकों,कहानियों,गीतों के साथ ही आपकी बड़ों के लिये भी अब तक कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वर्तमान समय में आप आकाशवाणी के पुणे केन्द्र पर हिन्दी अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।)
फ़सलों से महका परिवेश
नहीं पटाखे आतिशबाजी
दीवाली का यह संदेश।

दीपों के इस नव प्रकाश में
नए विश्व की करो कल्पना
हरी भरी होवे यह धरती
सात रंगों की लगे अल्पना।
नई तरंगें नई उमंगें
नव आशा नूतन संकल्प
खोजेंगे हम नई दिशायें
नये सृजन के नये विकल्प।

शीतल मंद हवायें आकर
धरती को दुलरायेंगी
बोली एक प्रेम की बोलो
सबसे कहकर जायेंगी।
000
कवि: कौशल पाण्डेय
हिन्दी अधिकारी
आकाशवाणी,शिवाजीनगर
पुणे
मोबाइल न0- 09823198116
(श्री कौशल पाण्डेय हिन्दी के प्रतिष्ठित बाल साहित्यकार हैं।बाल नाटकों,कहानियों,गीतों के साथ ही आपकी बड़ों के लिये भी अब तक कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। वर्तमान समय में आप आकाशवाणी के पुणे केन्द्र पर हिन्दी अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।)हेमंत कुमार द्वारा प्रकाशित


