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बुधवार, 28 अगस्त 2019

पिंकी के बिल्ले ---।


पिंकी के बिल्ले ---।

पिंकी के घर दो थे बिल्ले
दोनों बड़े चिबिल्ले।
धमा चौकड़ी सबसे करते
राजू दीपू टिल्ले।

पिंकी पढ़ने जैसे बैठे
बगल में बैठें बिल्ले।
गीत शुरू करती ज्यों पिंकी
नाचें दोनों बिल्ले।

इक दिन पिंकी गयी बाजार
साथ थे उसके बिल्ले।
आगे आगे पिंकी चलती
पीछे पीछे बिल्ले।

पिंकी ने थी टिक्की खाई
रबड़ी दोंनों बिल्ले।
पिंकी रास्ता भूल गयी जब
घर ले आये बिल्ले।
000
डा0हेमन्त कुमार

मंगलवार, 10 मई 2016

कहां छुपे हो बादल भैय्या----।

सूखी धरती सूखी नदियां
सूख गये सब ताल तलैया
हवा में उड़ते पाखी चीखे
अब तो गुस्सा छोड़ो भैय्या।
कहां छुपे हो बादल भैय्या।

आग उगलती हवा में देखो
जीव सभी अब झुलस रहे हैं
थोड़ी दया करो अब सब पर
छाया थोड़ी कर दो भैय्या।
कहां छुपे हो बादल भैय्या।

टप टप करता गिरे पसीना
पर्वत जंगल चैन कहीं ना
सूरज से समझौता कर लो
बारिश थोड़ी कर दो भैय्या।
कहां छुपे हो बादल भैय्या।
000

डा0हेमन्तकुमार