हाथ हमारे लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
हाथ हमारे लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 8 मई 2015

हाथ हमारे


हाथ हमारे बड़े काम के
इनकी तो है शक्ति निराली
बिना मिले दो हाथों के तो
बजती नहीं कभी भी ताली…।

हाथ से हाथ मिला कर देखो
ना कुछ भी फ़िर रहे असंभव
पर इनसे कुछ गड़बड़ हो तो
उड़ जाते हाथों के तोते…।

हाथ पे हाथ रखे यदि बैठे
लौटेगा ना ये वक़्त दोबारा
कुछ न मिलेगा तुमको फ़िर
मलके हाथ पड़े पछताना…।

हाथ हमारे बड़े काम के
इनकी तो है शक्ति निराली
बिना मिले दो हाथों के तो
बजती नहीं कभी भी ताली…।
000

डा0हेमन्त कुमार