बुधवार, 13 मई 2009

बालगीत --मेरी गुड़िया

मेरी प्यारी गुड़िया रानी,
बड़ी है सीधी बड़ी है भोली।

नहीं किसी से कभी है लड़ती,
झूठा गर्व नहीं है करती,
सबसे प्यारे बोल बोलती,
सबके मन को ये हर लेती।
मेरी प्यारी -------------।

जल्दी ही मैं ले आऊंगी,
छोटा सा एक प्यारा गुड्डा,
ब्याह रचा दूंगी दोनो का,
ले जयेगा उसको गुड्डा।

मेरी प्यारी गुड़िया रानी,
बड़ी है सीधी बड़ी है भोली।
00000000
कवियत्री --नित्या शेफ़ाली



3 टिप्‍पणियां:

  1. नित्या शेफाली भी तो,
    प्यारी गुड़िया रानी सी है।
    बिल्कुल मेरी पोती जैसी,
    सूरत पहचानी सी है।।

    रचना करती पाठ पढ़ाती,
    मीठे बोल बोलती है।
    मधु-रस में भीगी भाषा,
    कानों में सुधा घोलती है।।

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  2. बहुत-बहुत प्यार नित्या......
    नहीं किसी से कभी है लड़ती,
    झूठा गर्व नहीं है करती,
    सबसे प्यारे बोल बोलती,
    ....बहुत अच्छी है गुडिया, मनुष्य को भी ऐसा ही होना चाहिए...

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  3. बच्चों के गीत के लिए आप को बहुत बहुत धन्यवाद

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