रविवार, 20 सितंबर 2009

नन्हें चित्रकार

मेरे पास कुछ बच्चों ने अपने बनाये चित्र भेजे हैं।
मैं इन्हें यथावत प्रकाशित कर रहा हूं। आप भी इन
चित्रों को देखकर इन बच्चों के भीतर छिपी कलात्मक
प्रतिभा,उत्साह तथा इनके द्वारा कागज पर बिखेरे गये
रंगों का आनन्द उठाइये।








ऊपर के पहले दो चित्र नित्या शेफाली ने बनाये है। नित्या शेफाली सेंट
डोमनीक कालेज ,लखनऊ में कक्षा -6 में पढ़ती हैं।


बीच वाले दोनो चित्र मास्टर श्रेयस के हैं। मास्टर श्रेयस भी
सेण्ट डोमनीक ,लखनऊ में कक्षा -5 में पढ़ते हैं।

नीचे के दोनों चित्र मुक्तिराज ने बनाये हैं ।ये नन्हीं चित्रकर्त्री
रानी लक्ष्मी बाई स्कूल लखनऊ में कक्षा -5 में पढ़ रही हैं।
हेमंत कुमार






























7 टिप्‍पणियां:

  1. बच्चों के बनाए चित्रों में निश्चय ही स्वछंदता और एक ताज़गी होती है. यह व्यस्क चि़त्रकारों में नहीं होती. देख कर अच्छा लगा. आभार.

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  2. बच्‍चे मन के सच्‍चे .. अच्‍छे चित्र बनाए है .. उन्‍हें बहुत बहुत बधाई !!

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  3. बहुत ख़ूबसूरत चित्र बनाये हैं बच्चों नें! मुझे यकीन है कि वो बड़े होकर बहुत बड़े कलाकार बनेंगे! इतने छोटे उम्र में ही इतना शानदार प्रदर्शन किए हैं की क्या बताऊँ! सारे बच्चों को बहुत बहुत बधाइयाँ!

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  4. aapka likha pahle select kiya phir google ke transliterate/indic par le gaya tab padh paaya lekh me bhee aur tipppniyon me bhee mujhe ()()()() bindiyan hee dikhaii de rahee hai yahee to meree samasya hai |chitr bahut achchee lage bacchon kaa pryas aur aapka utsahvardahn sarahneey hai Brijmohan Shrivastava

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  5. पहले तो मैं आपका तहे दिल से शुक्रियादा करना चाहती हूँ कि आपको मेरा नया कविता वाला ब्लॉग अच्छा लगा और टिपण्णी देने के लिए शुक्रिया! सारे कविता पढियेगा वक्त निकालकर और कोई सुझाव हो तो बताइयेगा ज़रूर! आपके नए पोस्ट का इंतज़ार है!

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