सोमवार, 30 मई 2016

शीतल मंद हवाएं

दूर पहाड़ों से हैं आती
बारिश का संदेसा लाती
खट्टी मीठी बातें करती
झरनों का संगीत सुनाती
शीतल मंद हवाएं।

दुनिया भर की खबर सुनाती
प्रेम भरे पैगाम भी लाती
कभी तेज हो हर हर करती
कभी प्यार से पंखे झलती
शीतल मंद हवाएं।

सुंदर फ़ूलों से खुशबू ले
गांव गली में बांटा करती
भटका पथिक अगर मिल जाए
रास्ता भी उसको दिखलाती
शीतल मंद हवाएं।
000
डा0हेमन्त कुमार

1 टिप्पणी:

  1. bahut achha likhte hain kripya kuch tips dijiye ki blog kofamous kaise karte hain hamara blog hai bhannaat.com

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