सोमवार, 28 अगस्त 2017

मखमल जैसी वीर बहूटी----।

(जानकारी)             
                   मखमल जैसी वीर बहूटी
                                          

               बरसात के मौसम में अपने घरों के आस पास,किसी पार्क में हरी घास पर रेंगते सुर्ख लाल रंग के मखमली कीड़ों को तो आपने भी देखा होगा।इसका पूरा शरीर देखने में ऐसा लगता है लाल मखमल की बनी छोटी सी कोई गोली लुढ़क रही हो।पर यह एक बहुत खूबसूरत नन्हां सा कीड़ा है जिसके ऊपर की खोल को प्रकृति ने इतना खूबसूरत बनाया है।
   इस खूबसूरत कीड़े का नाम है वीर बहूटी।इसका बोटैनिकल नाम ट्राम्बिडाइडी है।यह भारत के उत्तरी हिस्से में बारिश के दिनों में बहुत ज्यादा दिखलाई पड़ता है।यह जहरीला कीड़ा नहीं होता।यहां तक कि आप इसे अपनी हथेली पर भी रख सकते हैं।गांवों में बच्चे तो अक्सर बारिश के दिनों में कई-कई वीर बहूटियों को इकट्ठा करके महुए के पत्ते की नाव में बिठा कर उन्हें पानी में तैरने के लिये छोड़ देते हैं।
    इस खूबसूरत कीड़े को भारत के अलग अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है। आंध्र प्रदेश में इसे “बेलवेट बूचि” या “अरुद्र पुरुगु”,उड़ीसा में “सधबा बोहु”,गुजरात में “गोकल गाय” या “मामा नी गाय” नामों से पुकारते हैं। कहीं कहीं इसे “तीज” या”मादा मक्खी” तो कहीं “रानी कीड़ा” या लिल्ली घोड़ी नाम दिया गया है।
    वीर बहूटी का नाम तो वीर है पर यह बहुत डरपोक और शर्मीला भी होता है।इसे जैसे ही हम छूते हैं या हाथ पर उठाते हैं ये अपने छोटे छोटे पैरों को सिकोड़ कर एक मखमल की गोली जैसा हो जाता है।यह ऐसा खतरा समझ कर करता है। और फ़िर थोड़ी ही देर में जब इसे लगता है कि अब खतरा टल गया है तब अपने पैरों को खोल कर फ़िर रेंगने लगता है।
    
इस खूबसूरत कीड़े की सुन्दरता का वर्णन हिन्दी साहित्य के कवियों ने जगह जगह किया है।इतना खूबसूरत होने के बावजूद हम मनुष्यों ने अपने स्वार्थ के लिये इस  नन्हें जीव को भी नहीं छोड़ा और इसका उपयोग अपने फ़ायदे की दवाएं बनाने में करने लगे।वीर बहूटी का सबसे बड़ा इस्तेमाल पैरालिसिस या लकवे के इलाज में होता है।लकवे से प्रभावित शरीर के अंगों पर इससे बने तेल की मालिश से लकवे का असर काफ़ी कुछ खतम हो जाता है।इसके साथ ही इसका इस्तेमाल जोड़ों के दर्द के इलाज में भी होता है।
    लेकिन अफ़सोस की बात यह भी है कि खेतों में रासयनिक खादों के अधिक उपयोग के कारण अब यह खूबसूरत वीर बहूटी गांवों तक से  गायब होती जा रही।शहरों की तो बात ही अलग है। हमें अपनी प्रकृति के अनोखे वरदान इस नन्हें से जीव को भी बचाने की कोशिश करनी होगी।अन्यथा वह दिन दूर नहीं जब धरती पर से गायब होते जा रहे जीवों की सूची में इस खूबसूरत नन्हें कीड़े “वीर बहूटी” का भी नाम जुड़ जायेगा।
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डा0हेमन्त कुमार

1 टिप्पणी:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बुधवार (30-08-2017) को "गम है उसको भुला रहे हैं" (चर्चा अंक-2712) पर भी होगी।
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    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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